भारत की नदिया और उसकी सहायक नदिया | India GK Notes

भारत की विशाल नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ: एक विस्तृत मार्गदर्शिका

भारत को ‘नदियों का देश‘ कहा जाता है। यहाँ की नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे करोड़ों लोगों की आस्था, अर्थव्यवस्था और जीवन का आधार हैं। भारतीय सभ्यता का विकास इन्हीं पवित्र नदियों के तट पर हुआ है। कृषि प्रधान देश होने के नाते, भारत की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से इन नदियों और उनकी सहायक नदियों के जाल पर निर्भर करती है। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या भारत के भूगोल को गहराई से समझना चाहते हैं, तो नदियों के इस तंत्र को समझना अत्यंत आवश्यक है।

भारतीय नदी तंत्र का वर्गीकरण

भारत की नदियों को मुख्य रूप से दो बड़े समूहों में विभाजित किया जा सकता है। पहला समूह उन नदियों का है जो हिमालय के ऊंचे पहाड़ों से निकलती हैं, जिन्हें हिमालयी नदियाँ कहा जाता है। दूसरा समूह उन नदियों का है जो दक्षिण भारत के पठारी इलाकों से निकलती हैं, जिन्हें प्रायद्वीपीय नदियाँ कहा जाता है।

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ बारहमासी होती हैं क्योंकि उन्हें साल भर वर्षा के साथ-साथ ग्लेशियरों के पिघलने से भी पानी मिलता रहता है। इसके विपरीत, प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर करती हैं, इसलिए गर्मी के मौसम में इनका जलस्तर काफी कम हो जाता है।

गंगा नदी तंत्र: भारत की जीवनधारा

गंगा भारत की सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदी मानी जाती है। यह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है। शुरुआत में इसे भागीरथी के नाम से जाना जाता है, लेकिन जब देवप्रयाग में इसका संगम अलकनंदा से होता है, तब से इसे ‘गंगा‘ पुकारा जाता है।

यमुना नदी: यह गंगा की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और प्रयागराज (इलाहाबाद) में गंगा में मिल जाती है। चंबल, बेतवा और केन यमुना की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
घाघरा, गंडक और कोसी: ये नदियाँ हिमालय से निकलकर नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करती हैं और गंगा के बाएं तट पर मिलती हैं। कोसी नदी को अपनी विनाशकारी बाढ़ के कारण ‘बिहार का शोक‘ भी कहा जाता है।

सोन नदी: यह गंगा के दाएं तट पर मिलने वाली एक प्रमुख नदी है जो अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती है।

सिंधु नदी तंत्र: उत्तर-पश्चिम की शक्ति सिंधु नदी विश्व की विशालतम नदियों में से एक है। इसका उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से होता है। भारत में यह लद्दाख के रास्ते प्रवेश करती है। सिंधु नदी का अधिकांश हिस्सा पाकिस्तान में बहता है, लेकिन इसकी सहायक नदियाँ भारत के कृषि क्षेत्र के लिए रीढ़ की हड्डी के समान हैं।

झेलम नदी: यह कश्मीर की घाटी में वेरीनाग झरने से निकलती है।

चनाब नदी: यह सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो हिमाचल प्रदेश में चंद्र और भागा नाम की दो नदियों के मिलने से बनती है।

रावी और ब्यास: ये दोनों नदियाँ भी हिमाचल प्रदेश से निकलती हैं और पंजाब के उपजाऊ मैदानों को सींचती हैं।

सतलुज नदी: यह तिब्बत के राकसताल से निकलती है और भारत में शिपकी-ला दर्रे से प्रवेश करती है। भाखड़ा नांगल बांध इसी नदी पर बना है।

ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र: पूर्वोत्तर का गौरव

ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम भी तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से ही होता है, जहाँ इसे त्सांगपो के नाम से जाना जाता है। यह अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत में प्रवेश करती है और असम की घाटी से होते हुए बांग्लादेश में चली जाती है।
दिवांग और लोहित: ये नदियाँ अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र से मिलती हैं।
सुबनसिरी और मानस: ये ब्रह्मपुत्र की उत्तर तट की सहायक नदियाँ हैं जो हिमालयी क्षेत्रों से आती हैं।
तीस्ता नदी: यह सिक्किम से निकलती है और अंत में ब्रह्मपुत्र (जिसे बांग्लादेश में जमुना कहा जाता है) में मिल जाती है।

प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ

दक्षिण भारत की नदियाँ आकार में हिमालयी नदियों से छोटी होती हैं, लेकिन इनका ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व बहुत अधिक है। इन नदियों को दो भागों में बांटा जाता है: पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ (जो बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं) और पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ (जो अरब सागर में गिरती हैं)।

महानदी

यह छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से निकलती है और ओडिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। शिवनाथ, हसदेव और तेल इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। हीराकुंड बांध इसी नदी पर स्थित है।

गोदावरी: दक्षिण गंगा

गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, इसीलिए इसे ‘वृद्ध गंगा‘ या ‘दक्षिण गंगा‘ भी कहा जाता है। यह महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्रयंबकेश्वर से निकलती है।
इसकी मुख्य सहायक नदियों में पेनगंगा, वैनगंगा, प्राणहिता, इंद्रावती और मंजरा शामिल हैं।

कृष्णा नदी

यह महाबलेश्वर के पास से निकलती है और महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बहती है।
तुंगभद्रा, भीमा, कोयना और मूसी इसकी सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ हैं। प्रसिद्ध नागार्जुन सागर बांध इसी नदी पर बनाया गया है।

कावेरी नदी

कावेरी को दक्षिण भारत की सबसे पवित्र नदी माना जाता है। यह कर्नाटक के कोडागु जिले की ब्रह्मगिरि पहाड़ियों से निकलती है।

अमरावती, भवानी और हेमावती इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। कावेरी जल विवाद दक्षिण भारत के राज्यों के बीच एक पुराना मुद्दा रहा है।

पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ

अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं, लेकिन नर्मदा और तापी दो ऐसी प्रमुख नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहती हैं और अरब सागर में गिरती हैं। ये नदियाँ ‘डेल्टा’ नहीं बनातीं, बल्कि ‘एस्तुआरी’ (ज्वारनदमुख) का निर्माण करती हैं।

नर्मदा नदी: यह मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार से निकलती है। यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों के बीच एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) में बहती है। धुंआधार जलप्रपात इसी नदी पर स्थित है।

तापी नदी: यह मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से निकलती है और सूरत के पास अरब सागर में मिल जाती है। पूर्णा इसकी प्रमुख सहायक नदी है।

नदियों का आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व

भारत में नदियों को ‘माता‘ का दर्जा दिया गया है। गंगा, यमुना और गोदावरी जैसी नदियों के तट पर कुंभ जैसे विशाल मेलों का आयोजन होता है, जो करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो: कृषि: भारत की लगभग 60% आबादी कृषि पर निर्भर है और नदियों का जल ही सिंचाई का मुख्य आधार है। उत्तर भारत के विशाल मैदान नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से बने हैं। जलविद्युत: नदियों पर बने बांधों से बिजली का उत्पादन किया जाता है, जो उद्योगों और घरों को रोशन करती है। परिवहन: प्राचीन काल से ही नदियाँ व्यापार का मुख्य मार्ग रही हैं। आज भी अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) को विकसित किया जा रहा है।

मत्स्य पालन: लाखों परिवारों की आजीविका नदियों में मछली पकड़ने के व्यवसाय से जुड़ी हुई है।

नदी संरक्षण: आज की आवश्यकता

बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक कचरे के कारण भारत की नदियाँ प्रदूषित हो रही हैं। गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का अस्तित्व खतरे में है। भारत सरकार ने ‘नमामि गंगे’ जैसे अभियान शुरू किए हैं ताकि इन जीवनधाराओं को पुनर्जीवित किया जा सके। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम नदियों को गंदा न करें और जल का संरक्षण करें।

नदियों से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

1. भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है?
उत्तर: गंगा

2. किस नदी को ‘दक्षिण की गंगा’ कहा जाता है?
उत्तर: गोदावरी

3. सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है?
उत्तर: चनाब

4. किस नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है?
उत्तर: कोसी

5. भाखड़ा नांगल बांध किस नदी पर बना है?
उत्तर: सतलुज

6. यमुना नदी का संगम गंगा से कहाँ होता है?
उत्तर: प्रयागराज

7. कौन सी दो नदियाँ पश्चिम की ओर बहते हुए अरब सागर में गिरती हैं?
उत्तर: नर्मदा और तापी

8. ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: त्सांगपो

9. हीराकुंड बांध किस नदी पर स्थित है?
उत्तर: महानदी

10. कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी कौन सी है?
उत्तर: तुंगभद्रा

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