Indian Constitution | भारतीय संविधान | Indian Polity Notes

By | January 14, 2022

भारतीय संविधान

किसी भी देश के शासन को चलाने के लिए संविधान सबसे अनिवार्य तत्व होता है संविधान लिखित और अलिखित नियमों तथा कानूनों का समूह होता है संविधान के द्वारा शासन के तीनों अंगों का कार्यपालिका व्यवस्थापिका तथा न्यायपालिका की स्थापना की जाती है संविधान द्वारा जनता तथा सरकार के मध्य संबंधों का अध्ययन किया जाता है संविधान किसी भी देश की मूल वीरम का रेटभूत तथा सर्वोच्च विधि होती हैं भारत के संविधान निर्माण की मांग के यहां के स्वतंत्रता आंदोलन के साथ जुड़ी है भारतीय संविधान निर्माण के संवैधानिक विकास को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है

1773 का रेगुलेटिंग एक्ट

इस एक्ट के माध्यम से सर्वप्रथम ब्रिटिश संसद के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियमित तथा नियंत्रित किया गया है एवं कंपनी के कार्यों को मान्यता प्रदान की गई है इसी अधिनियम के अंतर्गत सर्वप्रथम भारत में केंद्रीय प्रशासन की शुरुआत की गई थी इस अधिनियम के अंतर्गत बंगाल के गवर्नर को बंगाल के गवर्नर जनरल बना दिया गया तथा वारेन हेस्टिंग्स को बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल बनाया गया था गवर्नर जनरल को उसके कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए चार सदस्य परिषद का प्रावधान किया गया कंपनी के कार्यों को नियमित करने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई कोलकाता में उच्चतम न्यायालय की 1774 में स्थापना की गई थी

1784 पिट्स इंडिया एक्ट

इस अधिनियम के अंतर्गत कंपनी के राजनीतिक तथा प्रशासनिक कार्यों को मान्यता प्रदान की गई एवं कंपनी के कार्यों को वर्गीकृत किया गया कंपनी के राजनीतिक मामलों पर नियंत्रण बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा आर्थिक मामलों के नियंत्रण बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के द्वारा किया गया था

1833 का चार्टर अधिनियम

इस अधिनियम के अंतर्गत बंगाल के गवर्नर जनरल को पूरे भारत का गवर्नर जनरल बना दिया गया तथा लॉर्ड विलियम बेंटिक को भारत का प्रथम गवर्नर जनरल बनाया गया कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार की पूर्ण समाप्ति कर दी गई लॉर्ड मेकाले को गवर्नर जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था विधि सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था विधि सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया लॉर्ड मेकाले को पाश्चात्य शिक्षा तथा अंग्रेजी शिक्षा का जनक माना जाता है वि

1858 का भारत शासन अधिनियम

इंडिया कंपनी के शासन की भारत में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति कर दिए तथा भारत का शासन ब्रिटिश राज के अंतर्गत कर दिया गया ब्रिटिश राज की ओर से भारत का शासन चलाने के लिए भारत सचिव के पद का गठन किया गया भारत सचिव के कार्य में सहायता प्रदान करने के लिए 15 सदस्य भारत परिषद का गठन किया गया गवर्नर जनरल को वायसराय की उपाधि प्रदान कर दी गई तथा लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने कंपनी पर नियंत्रण रखने वाले बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की समाप्ति कर दी गईl

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1861 का भारत शासन अधिनियम

इस अधिनियम में कोलकाता मुंबई मद्रास के उच्च न्यायालय का गठन का प्रावधान किया गया गवर्नर जनरल को अध्यादेश तथा बिट्टू की शक्ति प्रदान की गई इस अधिनियम के विधान परिषद का गठन किया गया था विभागीय प्रणाली तथा मंत्रिमंडलीय प्रणाली की शुरुआत की गई तथा लॉर्ड कैनिंग को भारत में मंत्रिमंडलीय प्रणाली का जनक कहा जाता है

1892 का भारत शासन अधिनियम

इस अधिनियम के तहत अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली तथा प्रतिनिधि शासन की शुरुआत की गई तथा सदस्यों को सीमित मात्रा में प्रश्न पूछने तथा बजट पर विचार विमर्श करने का अधिकार प्रदान किया गया था।

1919 का भारत शासन अधिनियम

इस अधिनियम के तहत भारत शासन अधिनियम को मांटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार की संज्ञा दी गई क्योंकि मोंटेग्यू चेम्सफोर्ड इस अधिनियम भारत के सचिव तथा चिंचवड वायसराय थे इस अधिनियम के तहत केंद्रीय विधान मंडल में दो सदन का प्रावधान किया गया अतः इसे आधुनिक संसद की शुरुआत की गई इस अधिनियम के माध्यम से प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली तथा महिलाओं को मताधिकार प्रदान किया गया इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र तथा प्रांतों के बीच विषयों का विभाजन भी किया गया इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र के बजट को प्रांतों के बजट से अलग कर दिया गया।

1919 का भारत शासन अधिनियम

इस अधिनियम के तहत मार्ले मिंटो सुधार की संज्ञा दी गई क्योंकि मारने इस अधिनियम मैं भारत सचिव तथा मिल मिंटो गवर्नर जनरल तथा वायसराय थे इस अधिनियम के अंतर्गत मुसलमानों के लिए प्रथक तथा सांप्रदायिक निर्वाचन प्रणाली की शुरुआत की गई जिसके अंतर्गत मुस्लिम प्रतिनिधित्व का चुनाव केवल मुस्लिम सदस्यों के द्वारा की गई इसलिए लॉर्ड मिंटो को सांप्रदायिक प्रणाली का जनक भी कहा जाता है इस अधिनियम के अंतर्गत गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी परिषद तथा भारत परिषद के मुस्लिम की नियुक्ति का प्रावधान किया गया इस अधिनियम में सदस्यों को विस्तार से प्रश्न पूछने तथा बजट पर विचार विमर्श करने का प्रावधान दिया गया इसी अधिनियम में भारत विभाजन के बीच दिखाई पड़ते हैं मार्ले ने मिंटो को एक पत्र में लिखा कि हम भारत में नाक के बीच हो रहे हैं जिसका फल निश्चित रूप से विषैला हो गया है

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